आख़िरी खत, एक अनोखी प्रेम कहानी
....💗💓 आख़िरी खत 💔❤️🩹...... शहर की हलचल से दूर, पहाड़ों की गोद में बसा एक छोटा सा कस्बा था – गुलमोहर। हर मौसम यहाँ एक नई कहानी बुनता था। वसंत आते ही गुलमोहर के पेड़ लाल फूलों से भर जाते, जैसे किसी ने आग लगा दी हो। इसी शहर में रहती थी ज़ोया, एक सीधी-सादी, दिल से लिखने वाली लड़की, जिसे चिट्ठियाँ लिखना बहुत पसंद था। उसकी सबसे अच्छी दोस्त थी हीबा, जो ज़ोया की उलझनों की गुत्थियाँ सुलझाने में माहिर थी। और फिर कहानी में आता है तीसरा किरदार — उस्मान, शहर का सबसे होनहार और गंभीर लड़का, जो ज़ोया के कॉलेज में लेक्चरर बनकर आया था। --- पहली मुलाक़ात ज़ोया जब पहली बार उस्मान से मिली थी, तब वो बारिश की एक शाम थी। कॉलेज का सारा स्टाफ छुट्टी ले चुका था, मगर ज़ोया लाइब्रेरी में अपने उपन्यास पर काम कर रही थी। तभी वहाँ सेगमेंट क्लास लेने के बाद निकलते हुए उस्मान ने ज़ोया को अकेले बैठे देखा। "इतनी देर तक कौन पढ़ता है?" — उस्मान ने मुस्कुराते हुए पूछा। "पढ़ नहीं रही… लिख रही हूँ। कहानियाँ।" — ज़ोया ने धीरे से जवाब दिया। "तब तो आप मेरी तरह ही सोचती हैं… किताबों में दुनिया ढ...